SSC GD का सिलेबस छोटा है। इसे कठिन विस्तार नहीं, गति बनाती है: 60 मिनट में 80 प्रश्न, चार बराबर भार वाले भागों में, हर भाग में 20 प्रश्न और 40 अंक।
यह बराबर भार अधिकांश उम्मीदवारों के व्यवहार से कहीं अधिक मायने रखता है। यदि आप तर्कशक्ति में धीमे हैं तो सामान्य जागरूकता में उत्कृष्ट होने का कोई अतिरिक्त लाभ नहीं — हर भाग 40 अंकों का है, और प्रश्नपत्र के सबसे आसान अंक प्रायः उस भाग में नहीं होते जो आपको सबसे प्रिय है।
भाग A — सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति
हर वर्ष वही गिने-चुने प्रश्न प्रकार आते हैं, जिससे यह प्रश्नपत्र का सबसे अधिक प्रशिक्षण-योग्य भाग बन जाता है।
- समरूपता और वर्गीकरण (बेमेल छाँटना)
- संख्या और अक्षर शृंखला
- कूटलेखन–कूटवाचन
- रक्त संबंध
- दिशा ज्ञान और दूरी
- क्रम और स्थान निर्धारण
- अंकगणितीय तर्कशक्ति
- अमौखिक: दर्पण और जल प्रतिबिंब, काग़ज़ मोड़ना, आकृति शृंखला, छिपी आकृतियाँ, आकृतियाँ गिनना, घन और पासे
- स्थानिक कल्पना, दृश्य स्मृति, प्रेक्षण, विभेदन
यहाँ कुछ भी याद करने की आवश्यकता नहीं। जब आप तीन सेकंड में प्रश्न का प्रकार पहचान लेते हैं, तो इनमें से अधिकांश बीस सेकंड में हल हो जाते हैं।
भाग B — सामान्य ज्ञान एवं सामान्य जागरूकता
- इतिहास: सिंधु घाटी, वैदिक काल, मौर्य, गुप्त, दिल्ली सल्तनत, मुग़ल, स्वतंत्रता संग्राम
- भारतीय संविधान और राजव्यवस्था: मौलिक अधिकार, अनुच्छेद, अनुसूचियाँ, तीन अंग
- भूगोल: भौतिक विशेषताएँ, नदियाँ, जलवायु, सीमा रेखाएँ, राज्य
- आर्थिक परिदृश्य: RBI, नीति आयोग, GST, कराधान, बजट की मूल बातें
- सामान्य नीति और वैज्ञानिक अनुसंधान
- रोज़मर्रा का विज्ञान: विटामिन और कमी से रोग, मानव शरीर, गैसें और तत्व, बुनियादी भौतिकी
- खेल और संस्कृति
यहाँ राजव्यवस्था सबसे अधिक अनुमान लगाने योग्य और अंक देने वाला क्षेत्र है — प्रश्न एक छोटे, स्थिर दायरे से आते हैं और उत्तर हर वर्ष बदलते नहीं। समसामयिकी इसके विपरीत है: इसे लगातार ताज़ा रखना पड़ता है, इसलिए इसे ऐसा विषय मानिए जो कभी “पूरा” नहीं होता।
भाग C — प्रारंभिक गणित
- संख्या प्रणाली, पूर्ण संख्याओं की गणना, दशमलव और भिन्न
- मूल अंकगणितीय संक्रियाएँ और सरलीकरण (BODMAS)
- प्रतिशत
- अनुपात और समानुपात
- औसत
- लाभ-हानि, छूट
- ब्याज — साधारण और चक्रवृद्धि
- समय और दूरी, समय और कार्य
- क्षेत्रमिति
बुनियादी बीजगणित से आगे कुछ नहीं, न त्रिकोणमिति, न कलन। कठिनाई पूरी तरह गति की है: यह जानना कि 12.5% का अर्थ आठवाँ भाग है, एक गणना को दो सेकंड के उत्तर में बदल देता है।
भाग D — अंग्रेज़ी या हिंदी
आप एक चुनते हैं। यह भाग भाषा की परीक्षा है, इसलिए बाक़ी तीन के विपरीत इसे क्षेत्रीय भाषा में नहीं दिया जा सकता।
हिंदी विषय: संधि, उपसर्ग, प्रत्यय, पर्यायवाची और विलोम शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियाँ, समास, वाक्य-शुद्धि, वाच्य, क्रिया, अपठित गद्यांश।
अंग्रेज़ी विषय: spot the error, fill in the blanks, synonyms और antonyms, spellings, idioms और phrases, one-word substitution, improvement of sentences, active/passive voice, direct/indirect narration, cloze passage, comprehension।
तैयारी का क्रम कैसा हो
यदि आप शून्य से आरंभ कर रहे हैं, तो यह क्रम सबसे तेज़ी से अंक देता है:
- तर्कशक्ति — प्रति घंटा सबसे अधिक प्रतिफल, स्मृति की आवश्यकता नहीं
- गणित — दूसरा सबसे अधिक, पर गति के लिए दैनिक अभ्यास चाहिए
- अंग्रेज़ी या हिंदी — नियमों का सीमित, निश्चित समुच्चय; कुछ सप्ताहों में साधा जा सकता है
- सामान्य जागरूकता — उपयोगी लगता है पर प्रति घंटा सबसे कम प्रतिफल देता है, क्योंकि दायरा विशाल है और हर तथ्य कभी-कभार ही आता है
अधिकांश उम्मीदवार यह क्रम बिल्कुल उल्टा करते हैं — महीनों सामान्य जागरूकता पर लगाते हैं और परीक्षा में तर्कशक्ति तथा गणित में धीमे पहुँचते हैं।
इसके आधार पर योजना बनाने से पहले
सिलेबस स्थिर रहा है, पर रिक्तियाँ, तिथियाँ और छूट हर चक्र में बदलती हैं। जिस वर्ष आवेदन कर रहे हैं उसकी आधिकारिक SSC अधिसूचना देखिए।